Electrical Units and Quantities
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English
SI Units in Basic Electrical
| Quantity | Symbol | SI Unit Name | SI Unit Symbol | Definition Example |
|---|---|---|---|---|
| Electric Charge | Q | Coulomb | C | 1 C = charge of ~6.24×10¹⁸ electrons |
| Electric Current | I | Ampere | A | 1 A = 1 C/s (1 Coulomb per second) |
| Voltage (Potential Difference) | V | Volt | V | 1 V = 1 J/C (1 Joule per Coulomb) |
| Resistance | R | Ohm | Ω (Omega) | 1 Ω = 1 V/A |
| Conductance | G | Siemens | S | 1 S = 1/Ω |
| Power | P | Watt | W | 1 W = 1 J/s |
| Energy | E | Joule | J | 1 J = 1 W × 1 s |
| Capacitance | C | Farad | F | 1 F = 1 C/V |
| Inductance | L | Henry | H | 1 H = 1 V·s/A |
| Frequency | f | Hertz | Hz | 1 Hz = 1 cycle/sec |
| Magnetic Flux | Φ | Weber | Wb | 1 Wb = 1 V·s |
Types of Resistance (English)
|
In electrical engineering, resistance is the property of a material to oppose the flow of electric current. There are different types of resistance based on material, temperature, behavior, and application. |
🔹 1. Linear Resistance
|
🔹 2. Non-Linear Resistance
|
🔹 3. Fixed Resistance
|
🔹 4. Variable Resistance (Rheostat)
|
🔹 5. Temperature Dependent Resistance
|
🔹 6. Wire Wound Resistance
Difference Between AC and DC
|
हिन्दी
विद्युत से जुड़ी SI इकाइयाँ (हिन्दी में)
| भौतिक राशि | संकेत |
इकाई का नाम | SI संकेत | परिभाषा/उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| विद्युत आवेश | Q | कुलाम (Coulomb) | C | 1 C = ~6.24×10¹⁸ इलेक्ट्रॉनों का आवेश |
| विद्युत धारा | I | एम्पियर (Ampere) | A | 1 A = 1 कुलाम/सेकंड |
| वोल्टेज (विभवांतर) | V | वोल्ट (Volt) | V | 1 V = 1 जूल/कुलाम |
| प्रतिरोध | R | ओम (Ohm) | Ω | 1 Ω = 1 वोल्ट / 1 एम्पियर |
| सुचालकता | G | सीमेन्स (Siemens) | S | 1 S = 1 / Ω |
| शक्ति | P | वाट (Watt) | W | 1 W = 1 जूल/सेकंड |
| ऊर्जा | E | जूल (Joule) | J | 1 J = 1 वाट × 1 सेकंड |
| धारिता | C | फैराड (Farad) | F | 1 F = 1 कुलाम / वोल्ट |
| प्रेरकत्व | L | हेनरी (Henry) | H | 1 H = 1 वोल्ट·सेकंड/एम्पियर |
| आवृत्ति | f | हर्ट्ज़ (Hertz) | Hz | 1 Hz = 1 चक्र/सेकंड |
| चुम्बकीय फ्लक्स | Φ | वेबर (Weber) | Wb | 1 Wb = 1 वोल्ट·सेकंड |
प्रतिरोध के प्रकार (Types of Resistance in Hindi)
विद्युत में, प्रतिरोध वह गुण है जो विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है। प्रतिरोध के कई प्रकार होते हैं जो उसके व्यवहार, तापमान, और प्रयोग पर निर्भर करते हैं।
🔸 1. रेखीय प्रतिरोध (Linear Resistance)
-
जिसका प्रतिरोध वोल्टेज या करंट बदलने पर नहीं बदलता।
-
यह ओम के नियम का पालन करता है।
-
उदाहरण: साधारण रेसिस्टर।
जिसका प्रतिरोध वोल्टेज या करंट बदलने पर नहीं बदलता।
यह ओम के नियम का पालन करता है।
उदाहरण: साधारण रेसिस्टर।
🔸 2. अरेखीय प्रतिरोध (Non-linear Resistance)
-
जिसका प्रतिरोध वोल्टेज या करंट के साथ बदलता है।
-
ओम के नियम का पालन नहीं करता।
-
उदाहरण: थर्मिस्टर, वेरिस्टर, डायोड।
जिसका प्रतिरोध वोल्टेज या करंट के साथ बदलता है।
ओम के नियम का पालन नहीं करता।
उदाहरण: थर्मिस्टर, वेरिस्टर, डायोड।
🔸 3. स्थिर प्रतिरोध (Fixed Resistance)
-
जिसका मान निर्धारित होता है और बदल नहीं सकता।
-
उपयोग: करंट सीमित करने के लिए।
-
उदाहरण: 100Ω, 1kΩ रेसिस्टर।
जिसका मान निर्धारित होता है और बदल नहीं सकता।
उपयोग: करंट सीमित करने के लिए।
उदाहरण: 100Ω, 1kΩ रेसिस्टर।
🔸 4. परिवर्ती प्रतिरोध (Variable Resistance)
-
जिसका मान मैन्युअली बदला जा सकता है।
-
उपयोग: डिमर, फैन स्पीड, वॉल्यूम कंट्रोल।
-
उदाहरण: पोटेंशियोमीटर, रियोस्टैट।
जिसका मान मैन्युअली बदला जा सकता है।
उपयोग: डिमर, फैन स्पीड, वॉल्यूम कंट्रोल।
उदाहरण: पोटेंशियोमीटर, रियोस्टैट।
🔸 5. तापमान-निर्भर प्रतिरोध
-
तापमान बदलने पर प्रतिरोध बदलता है।
-
PTC: तापमान बढ़े तो प्रतिरोध बढ़े (हीटिंग एलिमेंट)।
-
NTC: तापमान बढ़े तो प्रतिरोध घटे (थर्मिस्टर)।
तापमान बदलने पर प्रतिरोध बदलता है।
-
PTC: तापमान बढ़े तो प्रतिरोध बढ़े (हीटिंग एलिमेंट)।
-
NTC: तापमान बढ़े तो प्रतिरोध घटे (थर्मिस्टर)।
🔸 6. वायर वाउंड प्रतिरोध
-
तार को इन्सुलेटर पर लपेट कर बनाया जाता है।
-
उपयोग: हाई पावर और सटीक कार्यों में। एसी (AC) और डीसी (DC) में अंतर
विशेषता
एसी (परिवर्ती धारा)
डीसी (प्रत्यक्ष धारा)
परिभाषा
धारा जो दिशा समय-समय पर बदलती है।
धारा जो केवल एक दिशा में प्रवाहित होती है।
प्रवाह
लगातार दिशा बदलती रहती है (साइन वेव की तरह)।
केवल एक ही दिशा में स्थिर प्रवाह।
स्रोत
बिजली संयंत्र, घरों और उद्योगों में उपयोग होती है।
बैटरी, सोलर सेल, डीसी पावर सप्लाई से आती है।
वोल्टेज
समय के साथ वोल्टेज बदलता रहता है, पॉजिटिव और नेगेटिव होता है।
वोल्टेज स्थिर रहता है।
ट्रांसमिशन
लंबी दूरी तक कम नुकसान के साथ भेजी जा सकती है।
लंबी दूरी के लिए प्रभावी नहीं।
फ्रीक्वेंसी
फ्रीक्वेंसी होती है (जैसे 50 Hz या 60 Hz)।
फ्रीक्वेंसी शून्य होती है (स्थिर धारा)।
उपयोग
घरेलू उपकरण, लाइटिंग, बड़े मोटर में उपयोग।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैटरियां, डीसी मोटर में उपयोग।
तार को इन्सुलेटर पर लपेट कर बनाया जाता है।
उपयोग: हाई पावर और सटीक कार्यों में। एसी (AC) और डीसी (DC) में अंतर
| विशेषता | एसी (परिवर्ती धारा) | डीसी (प्रत्यक्ष धारा) |
|---|---|---|
| परिभाषा | धारा जो दिशा समय-समय पर बदलती है। | धारा जो केवल एक दिशा में प्रवाहित होती है। |
| प्रवाह | लगातार दिशा बदलती रहती है (साइन वेव की तरह)। | केवल एक ही दिशा में स्थिर प्रवाह। |
| स्रोत | बिजली संयंत्र, घरों और उद्योगों में उपयोग होती है। | बैटरी, सोलर सेल, डीसी पावर सप्लाई से आती है। |
| वोल्टेज | समय के साथ वोल्टेज बदलता रहता है, पॉजिटिव और नेगेटिव होता है। | वोल्टेज स्थिर रहता है। |
| ट्रांसमिशन | लंबी दूरी तक कम नुकसान के साथ भेजी जा सकती है। | लंबी दूरी के लिए प्रभावी नहीं। |
| फ्रीक्वेंसी | फ्रीक्वेंसी होती है (जैसे 50 Hz या 60 Hz)। | फ्रीक्वेंसी शून्य होती है (स्थिर धारा)। |
| उपयोग | घरेलू उपकरण, लाइटिंग, बड़े मोटर में उपयोग। | इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैटरियां, डीसी मोटर में उपयोग। |
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